गुन रहा है गांव

अपनी कविता के लिए सैनी एक खास दुनिया रचते हैं – राजा, रानी, राजकुमार, राजकुमारी और आम लोगों की दुनिया। इनके साथ जंगल, दरख्त, नदी और परिंदे भी हैं, जो जरुरत के मुताबिक कविता में जगह बनाते हैं।

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Meet The Author

"Writing sets me free. Overwhelmed by the joy of creation, I find myself in an entirely new world. The dark shadows have been left behind."

अपनी कविता के लिए सैनी एक खास दुनिया रचते हैं – राजा, रानी, राजकुमार, राजकुमारी और आम लोगों की दुनिया। इनके साथ जंगल, दरख्त, नदी और परिंदे भी हैं, जो जरुरत के मुताबिक कविता में जगह बनाते हैं।

कथा से कविता और कविता से कथा में इनका आना जाना बना रहता है… कथा-कविता के ताने-बाने में बुनी इन कविताओं में संकेत, बिम्ब, और प्रतीक झिलमिलाते हैं। इस सबसे फूटती है सैनी की कविता, जो समापन से पूर्व पाठक को सवालों के घेरे में स्तब्ध छोड़ देती है।

व्यंग्य और अर्थ-ध्वनि से सम्पन्न इस संग्रह की कविताएँ कृत्रिमता व दुरुहता से बचती हुई पाठक से सहज करीबी रिश्ता कायम करती हैं।

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